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भौतिक अपक्षय के विभिन्न प्रक्रियाओं की विवेचना कीजिए। | UPPSC 2019 Geography Optional

 प्रश्न। 

भौतिक अपक्षय के विभिन्न प्रक्रियाओं की विवेचना कीजिए। ( UPPSC 2019)

उत्तर। 

अपक्षय एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें चट्टानें और खनिज पृथ्वी की सतह पर विघटित या अपघटित होते है इस प्रकिया में उनके मूल स्थान में परिवर्तन नहीं होता हैं। 

  • अपक्षय की प्रकिया को मृदा निर्माण की प्रक्रिया भी कहा जाता है।
  • अपक्षय प्रक्रियाएं तीन प्रकार की होती हैं-रासायनिक, यांत्रिक (भौतिक), और जैविक अपक्षय।

भौतिक अक्षय:

भौतिक अपक्षय को यांत्रिक अपक्षय भी कहा जाता है जिसमें रासायनिक गुणों में परिवर्तन के बिना चट्टान यांत्रिक या भौतिक रूप से विघटित हो जाती है।

भौतिक अपक्षय की प्रक्रियाएँ निम्नलिखित हैं:

  • अपशल्कन (प्याज त्वचा)
  • तुषारी अपक्षय 
  • पिंड विच्छेदन 
  • घर्षण और एट्रिशन
  • जड़ विस्तार
भौतिक अक्षय के विभिन्न प्रक्रिया

अपशल्कन (प्याज त्वचा):

सामान्यतः शैल तापमान के कुचालक होते है जिसके परिणाम स्वरूप जब अत्यधिक गर्मी होता है तो चट्टानों के बाहरी परत बहुत तेजी से गर्म होती है और फैलती है या ठंडी के दिनों में तेजी से सिकुड़ती हैं, जिससे कारण मुख्य चट्टानों से घुमावदार चादरें जैसी या प्याज के छिलके जैसी परते बाहर हो जाती हैं। इस प्रकार के अपक्षय को अपशल्कन कहते हैं। 

तुषारी अपक्षय:

जैसा कि हम जानते हैं कि बर्फ का आयतन उसी मात्रा के पानी से अधिक होता है। जब पानी चट्टानों की दरारों में जाकर बार बार भरता है और यह सर्दियों में जम कर बर्फ बन जाता है, जिसके परिणामस्वरूप दरारें चौड़ी हो जाती हैं और चट्टानें टूट जाती हैं। इस प्रकार के अपक्षय को तुषारी अपक्षय कहते हैं। 

पिंड विच्छेदन:

जहाँ पर दिन और रात के तापमान में ज्यादा अंतर होता है जैसे की मरुस्थलीय क्षेत्र, वहां पर गर्मी के कारण शैल फैलती है और ठण्ड के कारण सिकुड़ती है। जब ऐसे क्रिया बार बार होती है तो शैल टूट जाते है, ऐसे हम पिंड विच्छेदन अपक्षय कहते हैं। 

घर्षण और गुरुत्वाकर्षण:

जब पवने बड़े पैमाने पर अपक्षयित रेत अपने साथ  लेती हैं और उन्हें अन्य स्थानों पर पहुँचाती हैं, तो परिवहन के दौरान रेत घर्षण हो जाती है और बड़े टुकड़े छोटे-छोटे टुकड़ों में परिवर्तित हो जाती है। 

कुछ चट्टानें भी गुरुत्वाकर्षण के कारण टूट जाती है।  इस प्रकार के अपक्षय की प्रक्रिया को घर्षण अपक्षय के रूप में जाना जाता है।

जड़ विस्तार:

वनस्पति की जड़ें अक्सर टूटी हुई  चट्टानों में प्रवेश करती हैं, समय के साथ जड़ें चौड़ी हो जाती हैं जिससे चट्टानों का विघटन होता है।

उपरोक्त सारे प्रक्रिया भौतिक अपक्षय की प्रक्रिया हैं। 

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