प्रश्न :
ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राजव्यवस्था और नगरीय स्थानीय निकायों के बीच क्या समानताएँ एवं क्या विभिन्नताएँ है?
( अध्याय 12 : आधारभूत लोकतंत्र — भाग 3-नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार, कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान NEW NCERT )
उत्तर।
समानताएँ:
ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राजव्यवस्था और नगरीय स्थानीय निकायों के बीच समानताएँ निम्नलिखित है:
1. स्थानीय शासन का रूप :
दोनों ही जनता के निकटतम शासन प्रणाली हैं।
2. जनसहभागिता :
दोनों ही नागरिकों को निर्णय लेने और योजनाओं में शामिल करते हैं।
3. स्वायत्तता:
दोनों ही, अपने-अपने स्तर पर समस्याओं के समाधान का अधिकार रखते हैं।
4. कर संग्रहण:
दोनों स्थानीय कर वसूल सकते हैं और आय के स्रोत होते हैं।
5. सार्वजनिक सेवाएँ :
दोनों ही, स्वच्छता, जल आपूर्ति, सड़क आदि की व्यवस्था करते हैं।
विभिन्नताएँ:
ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राजव्यवस्था और नगरीय स्थानीय निकायों के बीच विभिन्नताएँ निम्नलिखित है:
1. क्षेत्र:
पंचायती राज ग्रामीण क्षेत्रों के लिए, जबकि नगरीय निकाय शहरों/कस्बों के लिए।
2. संरचना:
पंचायती राजव्यवस्था के तीन स्तर है -
ग्राम पंचायत ( ग्राम ), पंचायत समिति ( ब्लॉक ), और जिला परिषद ( जिला )।
नगरीय स्थानीय निकाय के तीन प्रकार है :
नगर निगम ( ( दस लाख से ज्यादा जनसँख्या वाले नगर में ),
नगरपालिका ( एक से दस लाख के जनसँख्या वाले नगर में )
नगर पंचायत ( एक लाख से कम जनसँख्या वाले नगर में )
3. जनसंख्या आधार :
पंचायत छोटे ग्रामीण समुदायों पर आधारित होती है, जबकि नगरीय निकाय बड़ी और घनी आबादी वाले क्षेत्रों पर।
4. समस्याओं की प्रकृति:
ग्रामीण: कृषि, सिंचाई, पशुपालन, ग्राम सड़कें।
नगरीय: यातायात, कूड़ा प्रबंधन, नाली, स्वास्थ्य, आवास।
5. राजस्व स्रोत:
पंचायत: मेला तथा स्थानीय बाजार पे कर।
नगरीय निकाय: संपत्ति कर, व्यापारिक लाइसेंस शुल्क, जल-विद्युत शुल्क, आदि ।
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