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MCQ -QUIZ: साम्राज्यों का उदय | अध्याय 5 कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान

साम्राज्यों का उदय  पर बहुविकल्पीय प्रश्न,

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1. ‘एम्पायर ( साम्राज्य ) ’ शब्द की उत्पत्ति किस भाषा से हुई?

क) लैटिन

ख) अरबी

ग) संस्कृत

घ) तमिल


उत्तर: क) लैटिन

‘Empire’ शब्द लैटिन भाषा के शब्द imperium से हुई है, जिसका अर्थ है — ‘सर्वोच्च सत्ता’। प्रायः, ‘साम्राज्य’ कई छोटे राज्यों या क्षेत्रों का समूह होता है, जिन पर एक शक्तिशाली राजा या शासक समूह अपना नियंत्रण स्थापित करता है। यद्यपि इन छोटे-छोटे राज्य के अपने राजा होते गई, किंतु वे सभी सम्राट के अधीन होते है और कर (tribute) देते थे। सम्राट राजधानी से शासन करता था, जो आर्थिक व प्रशासनिक दृष्टि से प्रमुख केंद्र होती थी।

प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में ‘सम्राट’ के लिए समराज, अधिराज, और राजाधिराज जैसे शब्द प्रयोग होते थे, जिनका अर्थ है — ‘राजाओं के राजा ’।


2. प्राचीन भारत में ‘श्रेणियाँ (Guilds)’ कौन थीं?

क) व्यापारियों के संगठन 

ख) प्रांत प्रमुख

ग) छोटे राजा

घ) राजकुमार


उत्तर: क) व्यापारियों के संगठन 

श्रेणियाँ (गिल्ड्स / Guilds) व्यापारियों, कारीगरों, साहूकारों और कृषकों के शक्तिशाली संगठन थे।

प्रत्येक श्रेणी का एक प्रमुख होता था, जो सामान्यतः निर्वाचित होता था, और उसके साथ कई कार्यकारी अधिकारी होते थे।

श्रेणियाँ अपने नियम स्वयं बनाती थीं और राजा भी उनके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करता था।

श्रेणियाँ सदस्यों को सहयोग के लिए प्रेरित करती थीं—जैसे बाज़ार जानकारी, संसाधन, श्रमिक व्यवस्था आदि साझा करना।

यह संस्था प्राचीन भारतीय समाज की स्व-व्यवस्थापन (self-organising) क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण है।



3. भारत का प्रथम साम्राज्य कौन-सा था?

क) कुरु

ख) कोशल

ग) गांधार

घ) मगध


उत्तर: घ) मगध

मगध (आज का दक्षिण बिहार और आस-पास के क्षेत्र) भारत के पहले साम्राज्य का केंद्र बना। अजातशत्रु जैसे शक्तिशाली प्रारम्भिक राजाओं ने छोटे-छोटे राज्यों को एकीकृत कर भारत के प्रथम साम्राज्य की नीव का आधार बनाया।


4. कौन-सा मगध राजा सिद्धार्थ गौतम (बुद्ध) और वर्धमान महावीर का समकालीन था?

क) अशोक

ख) चंद्रगुप्त मौर्य

ग) अजातशत्रु

घ) महापद्म नंद


उत्तर: ग) अजातशत्रु

अजातशत्रु ने मगध की शक्ति बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

भगवान बुद्ध और महावीर — दोनों इसी राजा अजातशत्रु के समय में जीवित थे।


5. नंद वंश का संस्थापक कौन था?

क) महापद्म नंद

ख) अजातशत्रु

ग) धनानंद

घ) चंद्रगुप्त मौर्य


उत्तर: क) महापद्म नंद

5वीं शताब्दी ईसा पूर्व में महापद्म नंद मगध में प्रमुखता से उभरे और नंद वंश की स्थापना की। उन्होंने कई छोटे राज्यों को मिलाकर एक विस्तृत साम्राज्य बनाया।


6. नंद वंश का अंतिम शासक कौन था?

क) महापद्म नंद

ख) अजातशत्रु

ग) धनानंद

घ) चंद्रगुप्त मौर्य


उत्तर: ग) धनानंद

विभिन्न स्रोत बताते हैं कि नंद वंश का अंतिम शासक धनानंद अत्यधिक धनी था, परंतु वह जनता का शोषण करता था, जिससे वह अलोकप्रिय हो गया। इसी कारण उसका साम्राज्य चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा जीता गया और मौर्य साम्राज्य का उदय हुआ।


7. अष्टाध्यायी की रचना किसने की?

क) रामानुजाचार्य

ख) आर्यभट

ग) वेदव्यास

घ) पाणिनि


उत्तर: घ) पाणिनि

संस्कृत व्याकरण के महान आचार्य पाणिनि ने 5वीं शताब्दी ईसा पूर्व के आसपास अष्टाध्यायी की रचना की। इसमें 8 अध्याय और 3,996 सूत्र सम्मिलित हैं।


8. फारसी और ग्रीक साम्राज्यों में प्रांतों के शासक को क्या कहा जाता था?

क) स्वामी

ख) अधिपति

ग) क्षत्रप 

घ) बाण


उत्तर: ग) क्षत्रप 

क्षत्रप फारसी और यूनानी साम्राज्यों के प्रांत-शासक होते थे। वे मुख्य शासक (जैसे सिकंदर) द्वारा दूरस्थ क्षेत्रों के प्रशासन के लिए नियुक्त किए जाते थे और उन्हें पर्याप्त अधिकार प्राप्त होते थे।


9. एलेग्जेंडर ( सिकंदर) ने भारत पर कब आक्रमण किया?

क) 334 ई.पू.

ख) 327 ई.पू.

ग) 326 ई.पू.

घ) 323 ई.पू.


उत्तर: ग) 326 ई.पू.

सिकंदर, मैसेडोनिया का युवा ग्रीक राजा था जो फारसी साम्राज्य को हराने के बाद भारत तक पहुँचा।


उसने पंजाब में राजा पोरस ( पुरु ) को पराजित किया, कई क्षेत्रों में भयंकर लड़ाइयाँ हुईं, और उसके सैनिक थकान व गृह-वासना के कारण आगे बढ़ने से इंकार कर दिया ।


10. मौर्य साम्राज्य की स्थापना किसने की?

क) महापद्म नंद

ख) अजातशत्रु

ग) धनानंद

घ) चंद्रगुप्त मौर्य


उत्तर: घ) चंद्रगुप्त मौर्य

321 ईसा पूर्व के आसपास चंद्रगुप्त मौर्य ने भारत में मौर्य साम्राज्य की स्थापना की।

उन्होंने आचार्य चाणक्य (कौटिल्य) की सहायता से यह विशाल और संगठित साम्राज्य खड़ा किया।


11. कौटिल्य का अन्य नाम क्या था?

क) चाणक्य

ख) विष्णुगुप्त

ग) विषकन्या

घ) चाणक्य और विष्णुगुप्त


उत्तर: घ) चाणक्य और विष्णुगुप्त

बौद्ध ग्रंथों के अनुसार, कौटिल्य को चाणक्य या विष्णुगुप्त भी कहा जाता था। वे विश्व-प्रसिद्ध तक्षशिला (आधुनिक टैक्सिला) विश्वविद्यालय में शिक्षक थे।

कौटिल्य ने नंद वंश के राजा धनानंद को अपनी नीतियाँ बदलने की सलाह दी, परंतु क्रोधित धनानंद ने उनका अपमान कर उन्हें दरबार से निकाल दिया। इससे क्रोधित होकर कौटिल्य ने ‘दुष्ट नंद शासन’ का अंत करने का शपथ ली। 


12. मौर्य काल में मगध साम्राज्य की राजधानी क्या थी?

क) राजगृह

ख) पाटलिपुत्र

ग) तक्षशिला

घ) उज्जैन


उत्तर: ख) पाटलिपुत्र

चंद्रगुप्त मौर्य ने मगध पर अधिकार कर पाटलिपुत्र को अपनी राजधानी बनाया।

कौटिल्य के मार्गदर्शन में चंद्रगुप्त ने उत्तर-पश्चिम में सिकंदर द्वारा छोड़े गए यूनानी क्षत्रपों को हराया और एक विशाल साम्राज्य की स्थापना की, जो उत्तरी मैदानों से लेकर दक्कन पठार तक फैला हुआ था।


13. ‘इंडिका’ पुस्तक के रचना किसने की?

क) रामानुजाचार्य

ख) आर्यभट्ट

ग) मेगस्थनीज

घ) कौटिल्य


उत्तर: ग) मेगस्थनीज

मेगस्थनीज एक यूनानी/ग्रीक इतिहासकार और राजदूत थे, जिन्होंने भारत यात्रा के अनुभवों को ‘इंडिका’ नामक पुस्तक में लिखा। यह भारत का सबसे प्राचीन विदेशी विवरण माना जाता है, हालांकि मूल पुस्तक अब उपलब्ध नहीं है, केवल कुछ अंश बाद के लेखकों में मिलते हैं।


14. ‘अर्थशास्त्र’ पुस्तक की रचना किसने की?

क) रामानुजाचार्य

ख) आर्यभट्ट

ग) मेगस्थनीज

घ) कौटिल्य


उत्तर: घ) कौटिल्य

कौटिल्य ने ‘अर्थशास्त्र’ नामक ग्रंथ की रचना की, जिसका अर्थ है — शासन और अर्थशास्त्र का विज्ञान।

इस ग्रंथ में रक्षा, प्रशासन, न्याय, अर्थव्यवस्था, नगर नियोजन, कृषि और जनकल्याण से संबंधित विस्तृत नियम दिए गए हैं।

उन्होंने ‘सप्तांग सिद्धांत’ का भी वर्णन किया, जिसमें राज्य के सात अंग बताए गए हैं।



15. ‘देवानामपिय पियदसि’ किस राजा का अन्य नाम था?

क) अशोक

ख) अजातशत्रु

ग) समुद्रगुप्त

घ) चंद्रगुप्त मौर्य


उत्तर: क) अशोक

सम्राट अशोक ने अपने शिलालेखों में स्वयं को ‘देवानामपिय पियदसि’ या देवनामप्रिय प्रियदर्शी कहा है।

‘देवानामपिय’ का अर्थ है — देवताओं का प्रिय, और ‘पियदसि’ का अर्थ — दूसरों के प्रति करुणा रखने वाला।

उनके शिलालेखों से उनके दयालु और मानवतावादी शासन की झलक मिलती है।


16. सोहगौरा ताम्रपत्र अभिलेख किस राज्य में है?

क) उत्तर प्रदेश

ख) मध्य प्रदेश

ग) बिहार

घ) हरियाणा


उत्तर: क) उत्तर प्रदेश

सोहगौरा ताम्रपत्र अभिलेख उत्तर प्रदेश के सोहगौरा में मिला था।

यह चौथी-तीसरी शताब्दी ईसा-पूर्व का है और ब्राह्मी लिपि में प्राकृत भाषा में लिखा गया है।

इसमें अकाल से निपटने के लिए अनाज भंडारण की व्यवस्था का उल्लेख है, जो मौर्य शासन ( चन्द्रगुप्त मौर्या ) की प्रशासनिक दक्षता को दर्शाता है।


17. सारनाथ स्तंभ के चार सिंह क्या दर्शाते हैं?

क) धर्मचक्र प्रवर्तन 

ख) बुद्ध की शिक्षा

ग) राजकीय शक्ति

घ) पशु प्रेम


उत्तर: ग) राजकीय शक्ति

सारनाथ स्तंभ का शीर्ष भाग अशोक द्वारा स्थापित किया गया था।

चार सिंह राजकीय शक्ति और साम्राज्य की सार्वभौमिक सत्ता का प्रतीक हैं।

नीचे के घेरे में हाथी, बैल, घोड़ा और सिंह के साथ धर्मचक्र भी अंकित है, जो बुद्ध की शिक्षाओं का प्रतीक है।


18. सारनाथ स्तंभ के शीर्ष में कौन-सा पशु शामिल नहीं है?

क) बैल

ख) हाथी

ग) घोड़ा

घ) बाघ


उत्तर: घ) बाघ

सारनाथ स्तंभ के शीर्ष में हाथी, बैल, घोड़ा और सिंह दर्शाए गए हैं।

इनके साथ धर्मचक्र भी बना है, लेकिन बाघ इसमें शामिल नहीं है।


19. अशोक का हाथी स्तंभ कहाँ स्थित है?

क) सारनाथ

ख) साँची

ग) पाटलिपुत्र

घ) धौली


उत्तर: घ) धौली

धौली (वर्तमान ओडिशा, भुवनेश्वर के पास) में अशोक का विशाल हाथी शिल्प स्थित है।

यह बुद्ध के गुणों — बुद्धिमत्ता, शक्ति, धैर्य और शांति — का प्रतीक माना जाता है।

इसके पास अशोक का शिलालेख भी अंकित है।


20. ‘सत्यमेव जयते’ किस उपनिषद से लिया गया है?

क) मुण्डक

ख) छांदोग्य

ग) कठ

घ) बृहदारण्यक


उत्तर: क) मुण्डक

‘सत्यमेव जयते’ का अर्थ है — सत्य की ही विजय होती है।

यह वाक्य मुण्डक उपनिषद से लिया गया है और आज भारत के राष्ट्रीय आदर्श वाक्य के रूप में अपनाया गया है।





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