Search Post on this Blog

विश्व को भारत ने कौन कौन से उपहार दिए तथा भारत को कौन कौन से उपहार मिले। कक्षा 5 EVS, अध्याय 10 : पृथ्वी - हम सबका घर

 प्रश्न

विश्व को भारत ने कौन कौन से उपहार दिए तथा भारत को कौन कौन से उपहार मिले। 

(कक्षा 5 EVS, अध्याय 10 : पृथ्वी - हम सबका घर )

उत्तर

प्राचीन काल से ही लोग व्यापार, खोज, शिक्षा तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक यात्रा करते रहे हैं। यात्रा के समय वस्तुए तथा विचारों का आदान प्रदान होता है। आइए देखते है , भारत और विश्व के बीच कौन कौन से उपहार का आदान प्रदान हुआ -


भारत ने विश्व को क्या क्या उपहार दिए-


1. योग:

योग का उद्गम भारत में लगभग 3,000 वर्ष से भी अधिक समय पहले हुआ था। यह भारत की विश्व को दी गई सबसे महान देनों में से एक है।

योग शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक शांति और संतुलित जीवन को बढ़ावा देता है।

योग के वैश्विक महत्व को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2014 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया।

आज विश्व के अनेक देशों में करोड़ों लोग नियमित रूप से योग करते हैं।


2. चीनी और गन्ना:

प्राचीन काल में लोग मिठास के लिए मुख्य रूप से शहद का उपयोग करते थे।

भारत में सबसे पहले लोगों ने गन्ने के रस से गुड़ बनाना सीखा और बाद में उसे परिष्कृत करके चीनी बनाना भी सीखा।

व्यापार मार्गों के माध्यम से यह ज्ञान एशिया, यूरोप तथा विश्व के अन्य भागों तक पहुँचा।

आज लगभग प्रत्येक देश में चीनी का उपयोग किया जाता है।


3. चावल, आम और केला:

भारत चावल, आम और केले की खेती के सबसे प्राचीन केंद्रों में से एक है।

व्यापारियों और यात्रियों के माध्यम से ये फसलें धीरे-धीरे अन्य देशों तक पहुँचीं।


आज—

  • चावल अरबों लोगों का मुख्य भोजन है।
  • आम को अनेक देशों में "फलों का राजा" कहा जाता है।
  • केला विश्व के सर्वाधिक खाए जाने वाले फलों में से एक है।


4. भारतीय गायों की नस्लें

भारतीय गोवंश की कई नस्लें अपनी शक्ति, रोग-प्रतिरोधक क्षमता तथा दुग्ध उत्पादन के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हुईं।

पुर्तगाली व्यापारी भारत की कुछ प्रमुख नस्लों को ब्राज़ील ले गए, जैसे—

  • गिर
  • कांकरेज
  • ओंगोल


आज भी ब्राज़ील के दुग्ध उत्पादन का बड़ा भाग भारतीय मूल की इन नस्लों से प्राप्त होता है।


5. भारतीय मसाले

भारत को लंबे समय से "मसालों की भूमि" कहा जाता है।

भारत से अनेक मसाले विश्व के विभिन्न देशों में भेजे गए, जैसे—

काली मिर्च

इलायची

हल्दी

दालचीनी


इन मसालों ने विश्वभर की पाक परंपराओं को प्रभावित किया और यूरोप, अरब तथा एशिया के व्यापारियों को भारत की ओर आकर्षित किया।


विश्व के अन्य भागों से भारत आए उपहार:


1. मिर्च

मिर्च का मूल स्थान दक्षिण अमेरिका है।

लगभग 400–500 वर्ष पूर्व पुर्तगाली व्यापारी मिर्च को भारत लेकर आए।

मिर्च के आने से पहले भोजन में तीखापन लाने के लिए मुख्य रूप से काली मिर्च का उपयोग किया जाता था।

आज मिर्च भारतीय भोजन का एक आवश्यक भाग बन चुकी है।


2. गेंदा (मेरीगोल्ड)

गेंदा पुष्प का मूल स्थान मेक्सिको है।

यह विभिन्न महाद्वीपों की यात्रा करते हुए भारत पहुँचा और अपने आकर्षक पीले तथा नारंगी रंगों के कारण यहाँ अत्यंत लोकप्रिय हो गया।

आज गेंदे के पुष्प का उपयोग व्यापक रूप से किया जाता है—

  • मंदिरों में
  • घरों में
  • विवाह समारोहों में
  • दीपावली और दशहरा जैसे उत्सवों में


3. आलू

आलू का उद्गम दक्षिण अमेरिका में हुआ था।

यूरोपीय व्यापारियों द्वारा इसे भारत लाया गया।

आज आलू भारतीय भोजन में सर्वाधिक उपयोग की जाने वाली सब्जियों में से एक है।


4. टमाटर

टमाटर भी दक्षिण अमेरिका से भारत आया।

यह दैनिक भोजन का एक महत्त्वपूर्ण भाग बन चुका है।


5. मक्का

मक्का का उद्गम मध्य अमेरिका में हुआ था।

बाद में यह व्यापार और यात्राओं के माध्यम से भारत पहुँचा।


आज भारत के अनेक राज्यों में इसकी खेती की जाती है तथा इसका उपयोग मनुष्यों और पशुओं दोनों के भोजन के रूप में किया जाता है।


फसलों, पशुओं, पुष्पों, खाद्य पदार्थों तथा विचारों का भारत और अन्य देशों के बीच आदान-प्रदान यह दर्शाता है कि विश्व के सभी भाग एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।


इस प्रकार का आदान-प्रदान लोगों को एक-दूसरे से सीखने तथा अपने जीवन को बेहतर बनाने में सहायता करता है।



You may also like:

Previous
Next Post »