भारत में वनों के संरक्षण का ऐतिहासिक विवरण

  सवाल:

भारत में वनों के संरक्षण का ऐतिहासिक विवरण राजस्थान और उत्तरांचल में "चिपको आंदोलनों " पर प्रकाश डालते हुए प्रस्तुत कीजिये 

उत्तर:

भारत में निम्नलिखित दो अत्यंत महत्वपूर्ण वन संरक्षण आंदोलन हैं-

राजस्थान में चिपको आंदोलन (1731में ):

1731 में, जोधपुर के राजा ने नए महल के निर्माण के लिए पेड़ों को काटने का आदेश दिया। पेड़ काटने के लिए मंत्री बिश्नोई समाज के क्षेत्रों में आए। ग्रामीणों ने पेड़ काटने का विरोध किया और उन्हें काटने से रोकने के लिए पेड़ को गले लगा लिया। राजा के आदमी नहीं माने और पेड़ के साथ लगभग ३६३ बिश्नोई लोगो को काट डाले । इस घटना के बाद राजा ने वहां से पेड़ काटने के लिए मना कर दिया ।

बिश्नोई समुदाय राजस्थान के रेगिस्तान के बीचोबीच रहता है उनके पर चलते ही वहां रेगिस्तान होते हुए भी हरा भरा जगह है ।

उत्तराखंड में चिपको आंदोलन (1973):

1973 की शुरुआत में, उत्तराखंड में एक ग्रामीण वाणिज्यिक कटाई की प्रथा का विरोध कर रहा था; पेड़ों को काटे जाने से बचाने के लिए वे उन्हें गले लगाकर विरोध करते थे। इसकी शुरुआत उत्तराखंड के 3 से 4 गांवों से हुई थी लेकिन बाद में इसे उत्तराखंड के अन्य हिस्सों में भी फैला दिया गया। इस आंदोलन को चिपको आंदोलन के नाम से जाना गया।

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