हिमनद घाटियों में कई रैखिक निक्षेपण स्थलरूप मिलते है। इनकी अवस्थिति व नाम बताये।

 प्रश्न। 

हिमनद घाटियों में कई रैखिक निक्षेपण स्थलरूप मिलते है। इनकी अवस्थिति व  नाम बताये। ( NCERT, Class 11, Fundamentals of Physical geography)

उत्तर।

हिमनदों के भार और उसके गति से उत्पन्न घर्षण के कारण हिमनद भूमि का अत्यधिक अपरदन करते हैं। अपरदन सामग्री हिमनदों द्वारा पहाड़ों की ढलानों से हिमनद घाटी तक ले जाया जाता है और इन अपरदन सामग्री के जमाओं से कई रैखिक निक्षेपण स्थलरूप बनते है।

हिमनद घाटी में रैखिक निक्षेपण स्थलरूप निम्नलिखित हैं:

  • हिमोढ़ (Moraines)
  • एस्कर  (Esker)
  • ड्रमलिन (Drumlin)
  • हिमादि धौत मैदान (Outwash plains)

Glacial valleys show up many linear depositional forms

हिमोढ़(Moraines) :

हिमोढ़  हिमनदों की घाटी में हिमनदों के निक्षेपण टिल(Till) जमाव की लंबी श्रृखंला है।  हिमोढ़ के अवस्थिति के हिसाब से तीन प्रकार के होते हैं:

अंतस्थ हिमोढ़(Terminal Moraines): 

  • हिमनदों की घाटी के दोनों किनारो में  समानांतर निक्षेपण टिल जमाव की लंबी श्रृखंला को अंतस्थ हिमोढ़ कहते है। 

पार्श्विक हिमोढ़(Lateral Moraines):

  • घोड़े के नाल या अर्ध चंद्राकर आकार की लम्बी निक्षेपण टिल जमाव  जो की घाटी के बीच  में बनती है और यह अंतस्थ हिमोढ़ से जुड़ी  होती है , पार्श्विक हिमोढ़ कहलाती हैं।

तलस्थ हिमोढ़(Ground Moraines) :

  • हिमाच्छादित घाटी में जमा होने वाली लंबी कटक की अनियमित आकृतियों को तलस्थ हिमोढ़ कहा जाता है।


एस्कर (Eskers):

  • हिमनदों की घाटियों में वक्राकार लम्बी जमाव को एस्कर कहते है।  एस्कर का निर्माण हिमनद के नीचे अपरदित सामग्री के जमाव जो हिमनद के धाराओं के बहने से होता रहता है और यह हिमनद के पिघलने के बाद हमें दिखाए देता है। 


ड्रमलिन(Drumlin) :

  • हिमनदों की घाटियों पर हिमनदों के निक्षेपों जब अंडाकार की आकृति बनाती है तो उसे ड्रमलिन बोलते हैं। ड्रमलिन की लंबाई 1 किमी और ऊंचाई में 30 मीटर तक हो सकते हैं।


हिमानी धौत  मैदान(Outwash plains):

  • जब बजरी, रेत, गाद और  महीन मिट्टी और छोटे आकार के अपरदित पदार्थ अधिक क्रमबद्ध तरीके से हिमानी धाराओं [पिघलने के बाद ] द्वारा जमा किया जाता है और एक व्यापक समतल जलोढ़ पंख बनता है, तो इसे हिमानी धौत  मैदान बोलते  है। 


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