मरुस्थली प्रदेशों में गाँवो के अवस्थिति के कौन-से मुख्य कारक होते हैं।

 प्रश्न-। 

 मरुस्थली प्रदेशों में गाँवो के अवस्थिति के कौन-से मुख्य कारक होते हैं। 

( NCERT class 12, अध्याय 4: मानव बस्तियाँ , भारत लोग और अर्थव्यवस्था)

उत्तर। 

गाँव एक ग्रामीण बस्ती है जहाँ अधिकतर लोग प्राथमिक गतिविधियों में शामिल होते हैं जो उपजाऊ भूमि पर आधारित होती हैं। गाँव की बस्तियाँ मुख्य रूप से उपजाऊ भूमि, पानी की उपलब्धता, अच्छी जलवायु और प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षीत जैसी भौतिक विशेषताओं पर निर्भर करता हैं।

मरुस्थलीय क्षेत्र में, गाँव की अवस्थिति मुख्य रूप से जल स्रोतों की उपलब्धता पर निर्भर करती है क्योंकि मरुस्थलीय क्षेत्र में पानी एक बहुत ही दुर्लभ संसाधन है। पानी के कुशल उपयोग के लिए जल संसाधनों (जैसे मरूद्यान) के पास सघन ग्रामीण बस्तियों का निर्माण होता है।

उदाहरण के लिए, मरूद्यान(ओएसिस ) भू-आकृतियों में, एक घनी ग्रामीण बस्ती होती है क्योंकि वे खजूर जैसी वृक्षारोपण फसलें उगाने में सक्षम होते हैं और वहां पर अपने जानवरों को पालने में सक्षम होते हैं।

जल संसाधनों के अलावा, निम्नलिखित अन्य कारक भी मरुस्थलीय क्षेत्रों में गांवों की अवस्थिति को तय करते हैं-

  • सड़कों, नहरों, स्वास्थ्य और शैक्षिक जैसे बुनियादी ढांचे की उपलब्धता भी प्रभावित करती है। उदाहरण के लिए, राजस्थान क्षेत्र में लोग इंदिरा गांधी नहर के किनारे रहना पसंद करते हैं।
  • वर्षा की मात्रा और शुष्कता जैसे जलवायु कारक भी मरुस्थलीय क्षेत्रों में गाँवों की स्थिति को प्रभावित करते हैं। मरुस्थलीय क्षेत्र में भी वर्षा होती है लेकिन समय और स्थान के साथ वर्षा  प्रारूप अत्यधिक असमान है। लोग वहीं रहना पसंद करते हैं जहां शुष्कता कम होती है।

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