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सरकार द्वारा किसानों के हित में किए गए संस्थागत सुधार कार्यक्रमों की सूची बनाएं।

 प्रश्न। 

सरकार द्वारा किसानों के हित में किए गए संस्थागत सुधार कार्यक्रमों की सूची बनाएं।

( अध्याय - 4-कृषि, कक्षा  X NCERT समकालीन भारत-2 )

उत्तर।

कृषि क्षेत्र भारत के 60 प्रतिशत से अधिक आबादी के लिए आजीविका प्रदान करता है अतः रोजगार के क्षेत्र में कृषि सबसे बढ़ा क्षेत्र हैं। 


समय के साथ कृषि क्षेत्र में अनेक समस्याएं बढ़ती जा रही है जैसे खेती के आकार में कमी, मिट्टी की उर्वरता में गिरावट, कृषि आदानों में वृद्धि और मानसून वर्षा में अनिश्चितता। 

आजादी के बाद भारत सरकार ने किसानों की जीवन को आसान बनाने के लिए कई प्रयास किए। किसानों के हित में सरकार द्वारा शुरू किए गए विभिन्न संस्थागत सुधार कार्यक्रम निम्नलिखित हैं;

भूमि सुधार हमारी पहली पंचवर्षीय योजना (1951-56) का मुख्य फोकस था।

सरकार ने ब्रिटिश युग की ज़मींदारी व्यवस्था को भी समाप्त कर दिया और ज़मीन की जोत की सीमा भी पेश की गई।

भूमि के उत्तराधिकार के अधिकार के कारण भूमि का विखंडन होता है जिससे जोत की आकार में कमी आती है। इसलिए सरकार द्वारा भूमि जोत का चकबंदी शुरू किया गया। भूमि के चकबंदी, भूमि की खरीद या विनिमय के माध्यम से किया जाता है।

सरकार ने हरित क्रांति और स्वेत क्रांति जैसे विभिन्न कार्योक्रम की शुरुआत 1960 से 1970 के दशक में की।

1980 और 1990 के दशक के दौरान, एक व्यापक भूमि विकास कार्यक्रम शुरू किया गया जिसमें संस्थागत और तकनीकी दोनों सुधार शामिल हैं।

सरकार ने किसानों के हित में खाद पर सब्सिडी प्रदान करती हैं।

सरकार ने किसानों के हित में ऋण सुविधा प्रदान करने के लिए ग्रामीण बैंकों और सहकारी समितियों जैसी संस्थाओं की स्थापना की

किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना (पीएआईएस) कुछ अन्य योजनाएं हैं जो सरकार द्वारा किसानों के हित में शुरू की गई हैं।

पीएम फसल योजना जैसे फसल बीमा का प्रावधान सूखा, बाढ़, चक्रवात, आग, बीमारी आदि के खिलाफ शुरू किया गया था।


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