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अध्याय 10 : आधारभूत लोकतंत्र — भाग 1: शासन का सारांश | कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान

परिचय :

मनुष्य समाज में रहते हैं और जब बहुत से लोग साथ रहते हैं तो असहमति और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में समाज में व्यवस्था और सहयोग बनाए रखने के लिए नियमों की आवश्यकता होती है।

जैसे घर, विद्यालय, सड़क और कार्यस्थल पर कुछ नियम बनाए जाते हैं और सबको उनका पालन करना होता है। यदि लोग नियमों का पालन न करें, तो समाज अव्यवस्थित हो जाएगा।

नियम बनाने और उनका पालन सुनिश्चित करने की प्रक्रिया को शासन (Governance) कहते हैं।

सरकार उन व्यक्तियों का समूह या तंत्र है जो नियम बनाते हैं और उन्हें लागू करवाते हैं। 

महत्वपूर्ण नियमों को कानून कहा जाता है।

नियम परिवर्तनशील होते है , समय समय पर इनको जरुरत के हिसाब से परिवर्तन करते है। 


सरकार के तीन अंग:


समाज में व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकार कार्य करती है। सरकार के तीन अंग होते है :

  • विधायिका (Legislature)
  • कार्यपालिका (Executive)
  • न्यायपालिका (Judiciary)


विधायिका (Legislature):

विधायिका सरकार का वह अंग है जो नए कानून बनाती है, पुराने कानूनों में संशोधन करती है और कभी-कभी अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त भी करती है। यह कार्य जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों की सभा द्वारा किया जाता हैं।


कार्यपालिका (Executive):

कार्यपालिका सरकार का वह अंग है जो कानूनों को लागू करती है। इसमें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्रीगण तथा एजेंसियाँ (जैसे पुलिस) शामिल होती हैं।

उदाहरण : साइबर अपराध रोकने के लिए कार्यपालिका के अंतर्गत साइबर पुलिस कार्य करती है।


न्यायपालिका (Judiciary):

न्यायपालिका सरकार का वह अंग है जो यह तय करती है कि कानून तोड़ा गया है या नहीं, और यदि कानून तोड़ा गया तो अपराधी को क्या दंड मिलना चाहिए।

इनका एक और कार्य है , कार्यपालिका के निर्णयों तथा विधायिका द्वारा बनाए गए कानूनों की समीक्षा भी करती है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सबके हित में कानून/कार्य हो रहा है।


किसी भी अच्छे शासन तंत्र में इन तीनों अंगों को अलग-अलग रखा जाता है, लेकिन वे एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं और मिलकर काम करते हैं। इसे ही शक्तियों का पृथक्करण (Separation of Powers) कहते हैं। इसमें से कोई एक अंग अपनी अपेक्षित भूमिका से परे जाकर कार्य करता है तो दूसरे अंग उसे नियंत्रित करके पुनः संतुलित स्थापित कर सकता है।



सरकार के तीन स्तर :

भारत में सरकार तीन स्तरों पर कार्य करती है —

  • स्थानीय स्तर
  • राज्य स्तर
  • राष्ट्रीय (केंद्र) स्तर


प्रत्येक स्तर की अपनी-अपनी ज़िम्मेदारियाँ होती हैं।

स्थानीय सरकार स्थानीय समस्याओं (जैसे – सड़क, पानी, छोटी आपदाएँ) को संभालती है।

राज्य सरकार बड़ी समस्याओं (जैसे – राज्य के कई जिलों में बाढ़, पुलिस, कानून-व्यवस्था, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, सिंचाई, स्थानीय प्रशासन) पर काम करती है।

केंद्र सरकार पूरे देश को प्रभावित करने वाले मामलों (जैसे – राष्ट्रीय आपदा, रक्षा, विदेश नीति, परमाणु ऊर्जा, मुद्रा, संचार, राष्ट्रीय नीतियाँ आदि) को संभालती है।


उदाहरण:

यदि किसी जिले में हल्की बाढ़ आती है तो स्थानीय प्रशासन संभालता है। यदि कई जिले प्रभावित होते हैं तो राज्य सरकार मदद करती है। परंतु जब बाढ़ पूरे प्रदेश को प्रभावित करती है, तब केंद्र सरकार राहत सामग्री और सेना भेजकर मदद करती है।


सरकार के तीन अंग है – कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका


राष्ट्रीय स्तर पर:

विधायिका → लोकसभा व राज्यसभा कानून बनाते हैं।

कार्यपालिका → राष्ट्रपति (औपचारिक प्रमुख), प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद।

न्यायपालिका → सर्वोच्च न्यायालय।



राज्य स्तर पर:

विधायिका → विधानसभा (कुछ राज्यों में विधान परिषद भी)।

कार्यपालिका → राज्यपाल (औपचारिक प्रमुख), मुख्यमंत्री और मंत्रीमंडल।

न्यायपालिका → उच्च न्यायालय।


डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम:

जन्म और प्रारंभिक जीवन : डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म 1931 में तमिलनाडु के रामेश्वरम में एक साधारण परिवार में हुआ।

योगदान : वे भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम, मिसाइल कार्यक्रम और परमाणु क्षमता के विकास में अहम भूमिका निभाने के कारण ‘मिसाइल मैन’ कहलाए।

राष्ट्रपति पद : वे 2002 से 2007 तक भारत के 11वें राष्ट्रपति रहे।

विशेषताएँ : राष्ट्रपति रहते हुए भी वे शिक्षा और शोध के प्रति गहरी रुचि के कारण विशेषकर युवाओं से गहराई से जुड़े रहे। उनकी सरलता, राष्ट्रभक्ति और समर्पण ने लाखों लोगों को प्रेरित किया।

युवाओं के प्रति संदेश : उन्होंने युवाओं को बड़े सपने देखने, कठोर परिश्रम करने और निरंतर प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रेरणादायक विचार :

  • सपने वे हैं जो आपको सोने न दें।
  • असफलता का अर्थ है First Attempt In Learning (सीखने की दिशा में पहला प्रयास)।
  • END का अर्थ है Effort Never Dies (प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाते)।
  • NO का अर्थ है Next Opportunity (अगला अवसर)।
  • बड़ा लक्ष्य, ज्ञान, कठिन परिश्रम और सतत प्रयास से कुछ भी प्राप्त किया जा सकता है।


लोकतंत्र :


अर्थ : लोकतंत्र का अंग्रेज़ी शब्द Democracy ग्रीक के Demos (लोग) और Kratos (शासन/शक्ति) से बना है। इसका शाब्दिक अर्थ है लोगों का शासन।


प्रत्यक्ष शासन की कठिनाई : सभी लोग मिलकर सीधे शासन नहीं कर सकते, इसलिए वे अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं जो उनकी ओर से शासन में भाग लेते हैं।


प्रतिनिधि प्रणाली :

  • राज्य स्तर पर – विधायक
  • राष्ट्रीय स्तर पर – सांसद


ये प्रतिनिधि विधानसभा/लोकसभा में कानूनों पर चर्चा करते हैं और समस्याओं का समाधान ढूँढते हैं।


भारत में लोकतंत्र : 

भारत में जन प्रतिनिधि आधारित लोकतंत्र है। 

भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहाँ लगभग 97 करोड़ मतदाता (2024) हैं। यहाँ 18 वर्ष से ऊपर के सभी नागरिकों को मतदान का अधिकार है।


मतदान की प्रक्रिया : जब किसी निर्णय (जैसे पिकनिक के स्थान) पर सहमति न बने तो मतदान से बहुमत का निर्णय मान्य होता है। यह प्रत्यक्ष लोकतंत्र का उदाहरण है।


आधारभूत लोकतंत्र : इसका आशय है नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और यह सुनिश्चित करना कि लोग स्वयं को प्रभावित करने वाले निर्णयों में अपनी राय रख सकें।

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