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भारत की भौगोलिक विविधता हमारे जीवन को किस प्रकार प्रभावित करती है?

 प्रश्न.

भारत की भौगोलिक विविधता हमारे जीवन को किस प्रकार प्रभावित करती है?

(भारत की भौगोलिक विविधता - अध्याय 1 - कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान NCERT)

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उत्तर.

भारत की भौगोलिक विविधता हमारे जीवन को किस प्रकार प्रभावित करती है?



भारत की भौगोलिक विविधता हमारे जीवन पर गहरा और व्यापक प्रभाव डालती है। भारत में पर्वत, मैदान, मरुस्थल, पठार, तटीय क्षेत्र, द्वीप और वन जैसे अनेक भौतिक प्रदेश पाए जाते हैं। ये सभी क्षेत्र हमारे जलवायु, भोजन, व्यवसाय, संस्कृति, रहन-सहन और आर्थिक गतिविधियों को अलग-अलग रूप में प्रभावित करते हैं।


भारत की भौगोलिक विविधता हमारे जीवन को निम्न प्रकार से प्रभावित करते है - 


1. भौगोलिक विविधता का जलवायु और मौसम पर प्रभाव:

हिमालय पर्वत ठंडी हवाओं को भारत में आने से रोकता है और मानसून पवनों को रोककर वर्षा करवाता है। तटीय क्षेत्रों में समशीतोष्ण जलवायु होती है, मरुस्थलों में अत्यधिक गर्मी होती है और पर्वतीय क्षेत्रों में ठंडा मौसम रहता है।


2. भौगोलिक विविधता का जल उपलब्धता और कृषि पर प्रभाव :

भौगोलिक विविधता के कारण भारत में विभिन्न प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं। हिमालय से निकलने वाली नदियाँ सिंचाई, पेयजल और उद्योगों के लिए जल प्रदान करती हैं। उपजाऊ मैदान कृषि के प्रमुख केंद्र हैं, जबकि मरुस्थलों में लोग जल संरक्षण पर निर्भर रहते हैं।


3. भौगोलिक विविधता का व्यवसायों पर प्रभाव:

भिन्न-भिन्न भौगोलिक क्षेत्र अलग-अलग व्यवसायों को जन्म देते हैं।

  • मैदानों में कृषि, उद्योग और व्यापार
  • पठारों में खनन और विद्युत उत्पादन
  • पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन और पशुपालन
  • तटीय क्षेत्रों में मछली पकड़ना और व्यापार


4. भौगोलिक विविधता का बसावट और परिवहन पर प्रभाव :

मैदानों में घनी जनसंख्या और विकसित परिवहन व्यवस्था मिलती है, जबकि पर्वत और मरुस्थल क्षेत्रों में विरल जनसंख्या पाई जाती है। तटीय क्षेत्रों में बंदरगाहों के कारण व्यापारिक नगर विकसित हुए।


5. भौगोलिक विविधता का सांस्कृतिक विविधता पर प्रभाव :

भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार लोगों की खान-पान, वेशभूषा, घरों की बनावट और त्योहार बदलते हैं। ठंडे क्षेत्रों में ऊनी वस्त्र और गर्म क्षेत्रों में सूती वस्त्र पहनने की परंपरा है।


भारत की भौगोलिक विविधता ने देश को एक “लघु महाद्वीप” बनाया है। यह विविधता हमारे जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित करती है और “विविधता में एकता” की भावना को मजबूत करती है।







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