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पश्चिमी घाट - मुख्य तथ्य | कक्षा 5 EVS | अध्याय 6 कुछ अनूठे स्थान

 पश्चिमी घाट - मुख्य तथ्य | कक्षा 5 EVS | अध्याय 6 कुछ अनूठे स्थान 

पश्चिमी घाट के बारे में मुख्य तथ्य:

पश्चिमी घाट पहाड़ियों और जंगलों की एक लंबी श्रृंखला है, जो भारत के पश्चिमी तट के साथ स्थित है।

पश्चिमी घाट - मुख्य तथ्य | कक्षा 5 EVS | अध्याय 6 कुछ अनूठे स्थान


प्रश्न 1. मानचित्र पर पश्चिमी घाट को देखिए और उन छह राज्यों के नाम बताइए जिनसे होकर यह गुजरता है।

उत्तर:

पश्चिमी घाट निम्नलिखित छह राज्यों से होकर गुजरता है—

  • गुजरात
  • महाराष्ट्र
  • कर्नाटक
  • गोवा
  • केरल
  • तमिलनाडु


ये पर्वतमालाएँ अरब सागर के तट के समानांतर फैली हुई हैं।



प्रश्न 2. पश्चिमी घाट के स्थानीय नाम क्या-क्या हैं?

उत्तर:

पश्चिमी घाट को विभिन्न राज्यों में अलग-अलग स्थानीय नामों से जाना जाता है—

  • महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक में — सह्याद्रि पर्वत
  • तमिलनाडु में — नीलगिरि पहाड़ियाँ
  • केरल में — सह्य पर्वतम्


ये नाम विभिन्न क्षेत्रों में इन पर्वतों के सांस्कृतिक तथा भौगोलिक महत्व को दर्शाते हैं।


प्रश्न 3. पश्चिमी घाट के वनों में कौन-कौन से पशुओं को देख सकते हैं?

उत्तर:

पश्चिमी घाट के वन अनेक दुर्लभ तथा संकटग्रस्त जीवों का निवास स्थान हैं। यहाँ पाए जाने वाले प्रमुख जीव हैं—

  • शेर पूंछ मकाक
  • बाघ
  • एशियाई हाथी
  • हॉर्नबिल पक्षी
  • नीलगिरि ताहर
  • तेंदुआ
  • हिरण तथा अनेक प्रकार के पक्षी और तितलियाँ


कुछ जीव, जैसे सिंहपुच्छ मकाक और नीलगिरि ताहर, केवल पश्चिमी घाट में ही पाए जाते हैं। ये जीव वन पारितंत्र के संतुलन को बनाए रखने में सहायता करते हैं।


प्रश्न 4. पश्चिमी घाट से निकलने वाली तीन नदियों के नाम बताइए ।

उत्तर:

  • गोदावरी, कृष्णा और कावेरी पश्चिमी घाट से निकलने वाली तीन प्रमुख नदियाँ हैं।
  • गोदावरी नदी — महाराष्ट्र के नासिक के निकट त्र्यंबकेश्वर से निकलती है।
  • कृष्णा नदी — महाराष्ट्र के सतारा जिले के महाबलेश्वर से निकलती है।
  • कावेरी नदी — कर्नाटक की ब्रह्मगिरि पहाड़ियों से निकलती है।



प्रश्न 5. पश्चिमी घाट के तीन संरक्षित क्षेत्रों के सूची बनाइए।

उत्तर:

पश्चिमी घाट में 50 से अधिक संरक्षित क्षेत्र हैं, जिनमें वन्यजीव अभयारण्य, राष्ट्रीय उद्यान तथा बाघ अभयारण्य सम्मिलित हैं। प्रमुख तीन संरक्षित क्षेत्र हैं—

  • साइलेंट वैली राष्ट्रीय उद्यान (केरल) — उष्णकटिबंधीय वर्षावनों और दुर्लभ वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध।
  • बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान (कर्नाटक) — बाघों, हाथियों तथा घने वनों के लिए प्रसिद्ध।
  • पेरियार वन्यजीव अभयारण्य (केरल) — हाथियों, झीलों तथा जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध।


पश्चिमी घाट को “जैव विविधता हॉटस्पॉट” कहा जाता है, क्योंकि यहाँ अनेक विशिष्ट पौधे और जीव पाए जाते हैं।



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