आप किस प्रकार मृदा निर्माण प्रकियाओं तथा मृदा निर्माण कारको के बीच अंतर ज्ञात करते है ? जलवायु एवं जैविक क्रियाओ की मृदा निर्माण में दो महत्वपूर्ण कारको के रूप में क्या भूमिका है ?

 प्रश्न 

आप किस प्रकार मृदा निर्माण प्रकियाओं तथा मृदा निर्माण कारको के बीच अंतर ज्ञात करते है ? जलवायु एवं जैविक क्रियाओ की मृदा निर्माण में दो महत्वपूर्ण कारको  के रूप में क्या भूमिका है ?

उत्तर 

मृदा निर्माण की प्रक्रिया में विभिन्न गतिविधियाँ शामिल होती हैं जो मिट्टी के निर्माण करती हैं जबकि मृदा निर्माण कारक विभिन्न तत्व होते हैं जो मिट्टी के निर्माण की प्रक्रिया को नियंत्रित करते हैं।

मृदा निर्माण की प्रक्रिया में निम्नलिखित गतिविधियाँ शामिल हैं:

  • मिट्टी रासायनिक, भौतिक और जैविक गतिविधियों के अपक्षय का परिणाम है।
  • मिट्टी का निर्माण सबसे पहले अपक्षय से शुरू होता है।
  • अपक्षयित मेंटल या अपक्षयित प्रवाल  की गहराई ही  मृदा निर्माण प्रक्रिया का मूल निवेश है।
  • कुछ विशेष प्रकार के जीवाणु और छोटे पौधे जैसे काई और लाइकेन ने अपक्षयित पदार्थ पर आश्रय प्राप्त कर लेते है ।
  • बाद में, पौधों और जानवरों के मृत अवशेष ह्यूमस के निर्माण और मिट्टी को समृद्ध करने में मदद करते हैं।
  • उसके बाद, मामूली घास और फर्न उगते  हैं।
  • अंत में, प्रचलित जलवायु परिस्थितियों के अनुसार और विभिन्न प्रकार की मिट्टी का निर्माण होता है और मृदा परिपक़्व होता है जिसमे अनेक प्रकार की वनस्पति और वन्य जीवन विकसित होते है।


मृदा निर्माण के कारक:

मुख्यतः पाँच कारक हैं जो मिट्टी के निर्माण की प्रक्रिया को नियंत्रित करते हैं।

  • मूल पदार्थ या शैल 
  • स्थलाकृति 
  • जलवायु
  • जैविक गतिविधियाँ
  • समय

मृदा निर्माण में जलवायु की भूमिका:

  • मिट्टी के निर्माण में जलवायु एक बहुत ही सक्रिय कारक है।
  • वर्षा मिट्टी को नमी प्रदान करती है जो रासायनिक और जैविक गतिविधियों को संभव बनाती है।
  • नम जलवायु क्षेत्र में, अधिक जल जमा होने  के कारण, मिट्टी के कुछ घटकों जैसे कैल्शियम, सोडियम, मैग्नीशियम, सिलिका, आदि के मृदा के नीचले स्तर में चले जाते है।
  • शुष्क जलवायु क्षेत्र में, वाष्पीकरण वर्षा से अधिक होती है, और केशिका क्रिया के कारण भूजल सतह पर पहुंच जाता है और अपने साथ नमक लाता है और सतह पर नमक छोड़ देता है इससे मृदा में नमक की मात्रा अधिक हो जाती है ।
  • तापमान मिट्टी में रासायनिक और जैविक गतिविधियों को बढ़ा या घटा सकता है। उच्च तापमान रासायनिक गतिविधियों को बढ़ाता है।


मृदा निर्माण में जैविक गतिविधियों की भूमिका:

  • मृत पौधे और जानवर मिट्टी में ह्यूमस प्रदान करते हैं।
  • कुछ पौधे एवं जानवर कार्बनिक अम्ल छोड़ते है जो शैलो में उपस्थित  खनिजों को विघटित करने में मदद करता है | 
  • ठंडी जलवायु में जीवाणु क्रियाकलापों में सुस्ती होती है इसके कारण ह्यूमस का संचय अधिक होता है।
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