भारत में जलीय संसाधनों की उपलब्धता एवं संभाव्यता को स्पष्ट कीजिये।

 प्रश्न। 

भारत में जलीय संसाधनों की उपलब्धता एवं संभाव्यता को स्पष्ट कीजिये। ( UPPSC, 2020, 15 Marks)

उत्तर।

जल संसाधन एक नवीकरणीय संसाधन है और पृथ्वी का 75% हिस्सा पानी से ढका हुआ है, फिर भी भारत सहित दुनिया के बहुत सारे हिस्से में पानी की कील्लत का सामना करना पड़ता  है।

भारत में जल संसाधनों की उपलब्धता के बारे में कुछ तथ्य और आंकड़े निम्नलिखित हैं:

  • भारत में वैश्विक वर्षा का लगभग 4% वर्षा प्राप्त होता है लेकिन प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष पानी की उपलब्धता के मामले में यह दुनिया में 133 वें स्थान पर है।
  • भारत में प्रति वर्ष औसतन 114 सेमी वर्षा होती है।
  • भारत में उपलब्ध कुल वर्षा जल एक वर्ष में लगभग 4000 घन किमी है।
  • 4000 घन किमी में से केवल 1869 घन किमी हम सतही जल और भूजल के रूप में बचा पाते हैं।
  • 1869 घन किमी में से हम इसका 60% ही अथार्त हम 1122 घन किमी जल संसाधनों का उपयोग कर पाते हैं। 
  • 2025 तक भारत के कई हिस्सों में पानी की पूर्ण कमी का सामना करना पड़ेगा।
  • जल संसाधनों का 2/3 भाग कृषि उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाता है।
  • कृषि 89% सतही जल और 92% भूजल का उपयोग करती है।


भारत में जल संसाधनों की संभाव्यता :

  • जल संसाधनों की संभाव्यता जल संसाधनों की बचत और कुशलतापूर्वक उपयोग में निहित है अथार्त जल संसाधन को हम बड़ा नहीं सकते बल्कि उसे बचा सकते है। 
  • भारत के पास  बड़ी तटरेखा (7516.6 किमी) है और यही हमारे पास जल की जरुरत को पूरी करने का साधन है। समुद्र तट के किनारे जल उपचार संयंत्र की शृंखला जो की काफी महँगी होता है स्थापित करके जल की समस्या  की कुछ हद तक निजात दिला सकता है ।
  • भारत में जल संसाधन प्रचुर मात्रा में हैं लेकिन भारत में जल की गुणवत्ता पर्याप्त नहीं है।
  • हम पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण द्वारा मीठे पानी की उपलब्धता में सुधार कर सकते हैं। पुनर्नवीनीकरण पानी का उपयोग नहाने, इकट्ठा करने और सफाई के उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
  • हम कृषि में ड्रिप सिंचाई जैसी जल-कुशल तकनीकों का उपयोग करके पानी बचा सकते हैं।
  • वर्षा जल संचयन और वाटरशेड प्रबंधन पानी बचाने के अन्य तरीके हैं।


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