प्रश्न:
भारतीय परिदृश्य में ‘विविधता में एकता’ का क्या अर्थ है?
( अध्याय 8 – विविधता में एकता या ‘एक में अनेक’, कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान NEW NCERT )
उत्तर:
भारत एक विविध व् विशाल देश है जहाँ अलग-अलग भाषाएँ बोली जाती हैं, अलग-अलग पहनावे, भोजन, रीति-रिवाज़ और त्योहार देखने को मिलते हैं। उत्तर भारत, दक्षिण भारत, पूर्वी और पश्चिमी भारत – सभी जगहों की अपनी-अपनी परंपराएँ और संस्कृति हैं।
फिर भी इन सब विविधताओं के बावजूद हम सब बहुत सारी चीजों में समानता है और एक साझा पहचान रखते हैं।
उदाहरण के लिए,
1. मकर संक्रांति पूरे भारत में मनाई जाती है, लेकिन इसे कहीं पोंगल, कहीं लोहड़ी, कहीं माघ बिहू के नाम से जाना जाता है।
2. इसी प्रकार साड़ी अलग-अलग प्रदेशों में अलग ढंग से पहनी जाती है, लेकिन अंत में यह एक ही परिधान है।
3. भारतीय साहित्य, जैसे रामायण और महाभारत का स्वरुप भी अलग अलग क्षेत्र में विभिन्नता देखने को मिलता है। लेकिन पूरे देश में एक समान रूप से पढ़े और गाए जाते हैं। ये हमें एक साझा सांस्कृतिक धरोहर प्रदान करते हैं।
4. इतिहासकारों ने भी माना है कि भारत का इतिहास इसलिए लिखा जा सकता है क्योंकि यहाँ इतनी विविधता होते हुए भी एक गहरी एकता की भावना है।
इसलिए ‘विविधता में एकता’ का अर्थ है कि भले ही हम अलग-अलग रूपों में दिखाई देते हैं, पर हमारी जड़ें और पहचान एक हैं। यह एक विशाल बरगद वृक्ष के सामान है , जिसकी जड़े तो समान है लेकिन शाखाएं अनेक है। यही भारत की असली विशेषता और खूबसूरती है।
ConversionConversion EmoticonEmoticon