1. " उत्थान एवं अपरदन, साथ-साथ चलते " पर आधारित अपरदन चक्र का प्रतिपादन किसने किया था?
a) डब्ल्यू.एम. डेविस
b) वाल्थर पेंक
c) एल.सी. किंग
d) आर्थर होम्स
उत्तर: (b) वाल्थर पेंक
जर्मन भू-आकृतिविज्ञानी वाल्थर पेंक (1924) ने प्रतिपादित किया कि भू-उत्थान (Upliftment) और अपरदन (Erosion) एक साथ कार्य करते हैं।
2. पेंक के अनुसार स्थलरूपों का विकास मुख्यतः किस पर निर्भर करता है?
a) केवल समय पर
b) केवल जलवायु पर
c) उत्थान एवं अपरदन की दरों के अनुपात पर
d) केवल शैल प्रकार पर
उत्तर: (c) उत्थान एवं अपरदन की दरों के अनुपात पर
पेंक ने अंतर्जात बलों (उत्थान) तथा बहिर्जात बलों (अपरदन) के मध्य संतुलन को स्थलरूप विकास का प्रमुख नियंत्रक माना।
3. डेविस की किस अवधारणा को पेंक ने स्पष्ट रूप से अस्वीकार किया था?
a) नदियों की भूमिका
b) युवावस्था–प्रौढ़ावस्था–वृद्धावस्था की क्रमिक अवस्थाएँ
c) घाटियों का अस्तित्व
d) अपरदन के आधार तल की अवधारणा
उत्तर: (b) युवावस्था–प्रौढ़ावस्था–वृद्धावस्था की क्रमिक अवस्थाएँ
पेंक का मत था कि स्थलरूप विकास निश्चित एवं समय-निर्भर अवस्थाओं द्वारा नियंत्रित नहीं होता।
4. पेंक के मॉडल में प्रारम्भिक समतल एवं विशेषताहीन सतह को क्या कहा जाता है?
a) पेनीप्लेन
b) पेडीप्लेन
c) प्राइमारुम्फ
d) मोनाडनॉक
उत्तर: (c) प्राइमारुम्फ (Primarumpf)
प्राइमारुम्फ (Primarumpf) वह प्रारम्भिक निम्न उच्चावच वाली सतह है जहाँ स्थलरूप विकास प्रारम्भ होने से पूर्व कोई प्रमुख भू-आकृति नहीं होती।
5. पेंक के मॉडल की किस अवस्था में उत्थान की दर अपरदन की दर से अधिक होती है?
a) एण्डरुम्फ
b) आब्स्टाइगेन्डे
c) आउफ्टाइगेन्डे एंटविकलुंग
d) प्राइमारुम्फ
उत्तर: (c) आउफ्टाइगेन्डे एंटविकलुंग (Aufsteigende Entwicklung)
इस अवस्था में उत्थान अपरदन से अधिक होता है, जिससे उच्चावच तेजी से बढ़ता है तथा घाटियाँ अधिक गहरी हो जाती हैं।
6. पेंक के अपरदन चक्र की किस अवस्था में उत्थान एवं अपरदन लगभग संतुलित होते हैं?
a) प्राइमारुम्फ
b) ग्लाइखफॉर्मिगे एंटविकलुंग
c) एण्डरुम्फ
d) आब्स्टाइगेन्डे एंटविकलुंग
उत्तर: (b) ग्लाइखफॉर्मिगे एंटविकलुंग (Gleichförmige Entwicklung)
इस अवस्था में उत्थान और अनाच्छादन (Denudation) लगभग समान होते हैं, जिससे अधिकतम उच्चावच विकसित होता है।
7. शंक्वाकार इन्सेलबर्ग (Inselberg) सामान्यतः पेंक के अपरदन चक्र की किस अवस्था में बनते हैं?
a) प्राइमारुम्फ
b) आउफ्टाइगेन्डे
c) आब्स्टाइगेन्डे
d) ग्लाइखफॉर्मिगे
उत्तर: (c) आब्स्टाइगेन्डे
अवनमन अवस्था (Declining Stage) में समानान्तर ढाल प्रत्यावर्तन (Parallel Slope Retreat) के कारण पृथक शंक्वाकार पहाड़ियाँ बनती हैं, जिन्हें इन्सेलबर्ग कहा जाता है।
8. पेंक के अपरदन चक्र का अंतिम स्थलरूप क्या है?
a) पेनीप्लेन
b) पेडीप्लेन
c) डेल्टा
d) मोनाडनॉक
उत्तर: (b) पेडीप्लेन
डेविस जहाँ अंतिम अवस्था में पेनीप्लेन का प्रतिपादन करते हैं, वहीं पेंक के अनुसार अंतिम स्थलरूप पेडीप्लेन होता है।
9. पेंक के अनुसार कौन-सी भू-आकृतिक प्रक्रिया अपरदन चक्र को पुनः प्रारम्भ कर सकती है?
a) केवल अपक्षय
b) केवल ज्वालामुखीय क्रिया
c) पुनर्यौवन (Rejuvenation)
d) अवसादन
उत्तर: (c) पुनर्यौवन (Rejuvenation)
भूमि के उत्थान अथवा आधार तल के निम्नीकरण से पुनर्यौवन/जीर्णोद्धार होता है, जिससे अपरदन चक्र पुनः आरम्भ हो जाता है।
10. पेंक की "ट्रिप्पेन अवधारणा" (Trippen Concept) में कौन-सी तीन भू-आकृतिक प्रक्रियाएँ सम्मिलित हैं?
a) अपक्षय, अपरदन एवं निक्षेपण
b) अपरदन, परिवहन एवं निक्षेपण
c) उत्थान, अपरदन एवं वलन
d) अनाच्छादन, ज्वालामुखिता एवं अवसादन
उत्तर: (b) अपरदन, परिवहन एवं निक्षेपण
पेंक ने स्थलरूप विकास में तीन परस्पर संबंधित प्रक्रियाओं—अपरदन (Erosion), परिवहन (Transportation) तथा निक्षेपण (Deposition)—को विशेष महत्व दिया।
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