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भारतीय समाज में नवयुवतियों में आत्महत्या क्यों बढ़ रही है? स्पष्ट कीजिए। | UPSC 2023 General Studies Paper 1 Mains PYQ

 प्रश्न। 

भारतीय समाज में नवयुवतियों में आत्महत्या क्यों बढ़ रही है? स्पष्ट कीजिए।

(UPSC 2023 General Studies Paper 1 (Main) Exam, Answer in 150 words)

उत्तर। 

सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और व्यक्तिगत कारकों के जटिल संयोजन के कारण भारतीय समाज में नवयुवतियों के बीच आत्महत्या की दर बढ़ रही है।


नेशनल क्राइम रिपोर्ट ब्यूरो (NCRB) के अनुसार, प्रति दिन 63 नवयुवतियों ( गृहिणियों) ने भारत में वर्ष 2021 में आत्महत्या की थी।



भारतीय समाज में युवा महिलाओं की बढ़ती आत्महत्या के कुछ प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:


सामाजिक और पारिवारिक दबाव (उम्मीदें और अपेक्षाएं):

सामाजिक और पारिवारिक अपेक्षाएं, जिनमें नौकरी , पढ़ाई लिखाई , विवाह दबाव और लिंग-आधारित अपेक्षाएं शामिल हैं, युवा महिलाओं के लिए अपार तनाव पैदा करते हैं। वे इन उम्मीदों को पूरा करने के लिए संघर्ष करते हैं, और उस पर विफल होने से युवा महिलाओं में डिप्रेशन ( अवसाद) का शिकार होते है।


लिंग-आधारित असमानता, भेदभाव और हिंसा:

समाज और परिवार में प्रचलित लिंग-आधारित भेदभाव, उत्पीड़न और हिंसा युवा महिलाओं को मानसिक विकार से ग्रसित करती है।


मानसिक स्वास्थ्य सहायता का अभाव:

परिवारों और समाज में मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित सीमित समझ है। नसिक स्वास्थ्य में गड़बड़ी को पागलपन करार किया जाता है। यह पूर्वाग्रह और कलंक निराशा को और अधिक बढ़ाती है, जो नवयुवतियों में आत्महत्या को बढाती है।


रिश्ते में विवाद:

पारिवारिक विवाद, रोमांटिक रिश्ते और सामाजिक सर्कल युवा महिलाओं में भावनात्मक संकट में योगदान करते हैं। रिश्तों का टूटना या अलगाव नवयुवतियों में आत्महत्या को बढाती है।


दबाविक विवाह:

विवाह के पारंपरिक मूल्यों को पूरा करने और सामाजिक मानदंडों को पूरा करने के कारण भारत में अरेंज मैरिज प्रचलित है। शिक्षित युवा महिलाओं को वैवाहिक निर्णय लेने कम छूट युवा महिलाओं की आत्महत्या की प्रवृत्ति को बढ़ाती है।


सोशल मीडिया प्रभाव और ऑनलाइन उत्पीड़न:

ऑनलाइन उत्पीड़न और नकारात्मक सोशल मीडिया अनुभव युवा महिलाओं के बीच मानसिक तनाव और मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों में योगदान देता है। युवा महिलाओं के बीच सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर सौंदर्य, धन और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के बारे में तुलना और निर्णय आजकल आम हैं, जो मानसिक तनाव को बढ़ाता है।


भारतीय समाज में युवा महिलाओं के बीच बढ़ती आत्महत्या की दर को संबोधित करने के लिए एक समग्र दृष्टिकोण की आवश्यकता होती है, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, लैंगिक समानता, समाज में एक सहायक वातावरण, समाजीकरण और महिलाओं के वित्तीय सशक्तीकरण शामिल हैं। भारतीय समाज में युवा महिलाओं की आत्महत्या को रोकने के लिए युवा महिलाओं के लिए समाज और परिवार में एक सहायक वातावरण बनाना महत्वपूर्ण है।


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