महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत के पक्ष में दिए गए प्रमाणों का वर्णन करें |

  प्रश्न 

 महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत के पक्ष में दिए गए प्रमाणों का वर्णन करें | 

उत्तर

1912 में, जर्मन मौसम वैज्ञानिक , अल्फ्रेड वेगेनर ने महाद्वीपों और महासागरों के वर्तमान वितरण की व्याख्या करने के लिए "महाद्वीपीय विस्थापन  सिद्धांत" दिया।

महाद्वीपीय विस्थापन  के समर्थन में निम्नलिखित पाँच प्रमाण हैं:

  • महाद्वीपों में साम्य  (जिग-सॉ-फिट)
  • महासागरों के पार  चट्टानों की आयु में समानता 
  • टिलाइट
  • प्लेसर निक्षेप 
  • जीवाश्मों का वितरण


महाद्वीपों में साम्य  (जिग-सॉ-फिट):

  • पश्चिमी अफ्रीका और पूर्वी दक्षिण अमेरिका की तटरेखा अद्भुत और त्रुटिरहित साम्य दिखती है | 

महासागरों के पार  चट्टानों की आयु में समानता:

  • रेडियो डेटिंग विधियों का उपयोग करके, यह साबित हो गया है कि ब्राजील के तट और पश्चिमी अफ्रीका की चट्टानों की उम्र समान है; यह लगभग 2000 मिलियन वर्ष पुराना है।

टिलाइट:

  • टिलाइट अवसादी  चट्टानें हैं जो हिमानी निक्षेपण के जमा होने से बनती हैं। भारत में गोंडवाना श्रेणि  के तलो  पर टिलाइट जमा हैं। टिलाइट अफ्रीका, फ़ॉकलैंड द्वीप, मेडागास्कर, अंटार्कटिका और ऑस्ट्रेलिया में भी पाया जाता है। इस अक्षांश में टिलाइट की उपस्थिति संभव नहीं है क्योकि यह सब  भूमध्य रेखा के करीब है | इससे यह पता चलता है कि यह भूभाग कही से विस्थापित होकर आयी है।

प्लेसर निक्षेप :

  • घाना तट में सोने की स्रोत चट्टान का पूर्ण अभाव है लेकिन घाना तट पर सोने के प्लेसर जमा पाए जाते हैं। सोने का चट्टान के स्रोत ब्राजील के तट पर मौजूद है। इसका मतलब है कि दोनों भूभाग एक साथ थीं।


जीवाश्मों का वितरण:

  • विशाल समुद्री अवरोध होने के बाद भी, समुन्द्र के दोनों तरफ , पौधों और जानवरों की समान प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
  • उदाहरण के लिए, लेमर्स भारत, मेडागास्कर और अफ्रीका में पाए जाते हैं।
  • इसका मतलब है कि ये भूभाग  कभी अगल-बगल हुई होगी ।
You may like also:
Previous
Next Post »